ये जो है उदास
ये जो ग़मगीन है
टूट कर बरसे है
उदास ही नही, कुछ खुश भी है
कुछ उलझे है, कुछ सुलझे है
कुछ है मस्त, कुछ है परस्त
कुछ है खोए, कुछ जागे है
कुछ ठिठक कर भागे है,
कुछ जाने क्या खोज रहे
कुछ जाने क्या पाएं है,
ये जो टूट कर गिरे है
कुछ भागे है कुछ ठहरे है
कुछ है ख्यालों में ग़ुम से
कुछ बस अभी ख्वाब से जागे है,
कुछ मग्न है धुनों में अपनी
कुछ है ग़म की परछाई में,
कुछ है बेबाक
कुछ है बिखरें
कुछ है सिमटे
कुछ है बावले
कुछ ग़ुम से है
कुछ चुप से है
ये सब जो यहाँ पड़े हुए
कुछ है उदास
टूट कर बरसे है।

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